कलकाता, ११ अक्टूबर २०२६: बंगाली साहित्य, कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से गठित सांस्कृतिक संगठन ‘हुजुगे बांगाली’ का छठा वार्षिक समारोह कोलकाता के हाथीबागान स्थित बॉयज़ ओन लाइब्रेरी सभागार में आयोजित किया गया। समारोह का प्रमुख आकर्षण संगठन की वार्षिक शारदीय पत्रिका एवं मुखपत्र ‘अद्वितीया शारद–१४३३’ के पाँचवें अंक का विमोचन रहा। पाँच वर्षों की साहित्यिक यात्रा को समर्पित इस विशेष अंक में लगभग ३५० लेखकों की साहित्यिक रचनाओं को स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरिपद भौमिक, डॉ. समुद्र बसु, प्रिया और महाश्वेता मुखर्जी आमंत्रित थे। इस अवसर पर बार्ता प्रकाशन के कर्णधार सौरभ बिसाई अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त रोनित भौमिक और मोहम्मद वसीम सहित अनेक विशिष्ट अतिथि एवं लेखक समारोह में शामिल हुए।
पत्रिका के ‘अतिथि कलम’ विभाग में महेश्वर गोस्वामी, अनिकेत देवनाथ, लक्ष्मीश्री, शांत बनिक, शब्द सुमित और शंखदीप जाना सहित कई लेखकों की रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। कुछ लेखक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उनकी साहित्यिक कृतियों ने इस आयोजन से उनका जुड़ाव बनाए रखा।
समारोह में विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संगठनों और सोशल मीडिया पेज परिवारों ने भी भाग लिया। इनमें आलिनगर की विरासत, मशলার कौटो, अज्ञात कथा, नान्दনিক, बृष्टिनील, गयনার বাক্স, मनमर्जिया और ‘द क्रेयॉन्स’ पेज परिवार प्रमुख रहे।

इस आयोजन के दौरान एक और महत्वपूर्ण घोषणा सामने आई। स्वप्नउड़ान प्रकाशनी ने जानकारी दी कि अपने आगामी वार्षिक समारोह में वह ‘हुजुगे बांगाली’ को ‘वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पेज’ सम्मान प्रदान करेगी। संगठन की सांस्कृतिक गतिविधियों को मिली यह मान्यता उसके सदस्यों के लिए नई प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
‘हुजुगे बांगाली’ का यह वार्षिक समारोह केवल एक पत्रिका के विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने नए और स्थापित लेखकों को एक साझा मंच प्रदान करते हुए बंगाली भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। ‘अद्वितीया शारद’ की पाँच वर्षों की यात्रा इसी निरंतर साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रयास का प्रतीक बनकर उभरी।






